मालदा हिंसा पर बड़ा एक्शन: मुख्य साजिशकर्ता दबोचा गया, 35 गिरफ्तार, NIA ने तेज की जांच

पश्चिम बंगाल के मालदा हिंसा मामले में अब कार्रवाई तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। आदेश मिलते ही NIA ने जांच शुरू कर दी और शुरुआती कार्रवाई में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल है। दूसरी ओर, राज्य पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए ISF उम्मीदवार शाहजहां अली सहित कई आरोपियों को हिरासत में लिया है। मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राज्य को बदनाम करने की साजिश बताया है।

मुख्य आरोपी को भागने से पहले दबोचा गया

जांच एजेंसियों के मुताबिक, वकील मोफक्करुल इस्लाम को इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। उसे उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह बागडोगरा हवाई अड्डे से फरार होने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद इस्लाम ने दावा किया कि वह आंदोलन का हिस्सा नहीं था, बल्कि केवल वहां से गुजर रहा था और कुछ लोगों के समर्थन में उसने भाषण दिया था। उसने यह भी कहा कि उसका इस घटना से सीधा कोई संबंध नहीं है।

इस्लाम के मुताबिक, वह कोलकाता से अलीपुरद्वार जा रहा था और राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरते समय यह घटना हुई। उसने कहा कि उसे बागडोगरा एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और आगे की कार्रवाई के लिए उसे पहले स्थानीय थाने और फिर मालदा ले जाया जा सकता है।

7 न्यायिक अधिकारियों को 8 घंटे तक बनाया गया बंधक

दरअसल, यह पूरा मामला बुधवार को मालदा के कालियाचक इलाके में हुई हिंसा से जुड़ा है, जहां उपद्रवियों ने सात न्यायिक अधिकारियों को करीब आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि मामले में सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने राज्य के डीजीपी से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए अधिकारियों को सुरक्षित छुड़ाया गया। इस दौरान अदालत ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार दिया और राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद NIA जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि यदि जरूरत हो तो चुनाव आयोग इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से करा सकता है। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए NIA जांच के आदेश दे दिए। अब एजेंसी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे और गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।

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